Supreme Court Judge Strength Increased: सुप्रीम कोर्ट में बढ़े 4 नए जज, अब कुल संख्या हुई 37

Supreme Court Judge Strength Increased: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है। अब लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।

Subhash Kumar
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Subhash Kumar is the Founder of Timelyindia.com and a seasoned education and political journalist. He began his career in 2021, writing extensively on board exams for...
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Supreme Court Of india
Highlights
  • राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई
  • CJI को मिलाकर अब सुप्रीम कोर्ट में कुल 38 जज होंगे
  • सरकार का दावा, लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने के लिए लिया गया फैसला

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश की न्यायपालिका से जुड़ा बड़ा फैसला लेते हुए सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ने दी 4 नए जजों की मंजूरी। अब सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है। इस फैसले के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को मिलाकर सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की संख्या 38 हो जाएगी।

Supreme Court Judge Strength Increase को लेकर जारी अध्यादेश के अनुसार, सरकार ने “Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026” लागू किया है। इसके जरिए सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन किया गया है।

सरकार ने क्यों बढ़ाई जजों की संख्या?

सुप्रीम कोर्ट (SC) में लगातार बढ़ रहे लंबित मामलों और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार यह फैसला लिया है। देश की सबसे बड़ी अदालत में लाखों मामले लंबित हैं और जजों की संख्या बढ़ने से केसों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।

अब कितने होंगे सुप्रीम कोर्ट में कुल जज?

  • पहले स्वीकृत जजों की संख्या: 33
  • नई स्वीकृत संख्या: 37
  • CJI को मिलाकर कुल संख्या: 38

लंबित मामलों पर क्या पड़ेगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आ सकती है। इससे आम लोगों को जल्द न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी। पिछले कुछ वर्षों से अदालतों में लंबित मामलों की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।

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SOURCES:Official X Post by Union Law Minister Arjun Ram Meghwal
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Subhash Kumar is the Founder of Timelyindia.com and a seasoned education and political journalist. He began his career in 2021, writing extensively on board exams for Shiksha.com. Today, he leads comprehensive education coverage on his platform, tracking major national exams like NEET, JEE, and SSC. Over the past year, Subhash has expanded his reporting to analyze national affairs and Indian politics. Connect with him via email at Subhash@timelyindia.com or LinkedIn.
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