Gaya Ji News: गांधी मैदान में लगातार चौथे रविवार जुटा यादव समाज, शिक्षा, एकजुटता और समाजिक भागीदारी बढ़ाने पर हुई बड़ी चर्चा

गया जी के गांधी मैदान में यादव (अहीर) समाज की लगातार चौथी बैठक आयोजित हुई। बैठक में शिक्षा, छात्रावास निर्माण, धर्मशाला और समाजिक एकजुटता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। बिहार के कई जिलों में हर रविवार इस तरह की बैठकें आयोजित हो रही हैं।

Subhash Kumar
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Editor in Chief
Subhash Kumar is the Founder of Timelyindia.com and a seasoned education and political journalist. He began his career in 2021, writing extensively on board exams for...
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Gaya Ji Yadav Samaj Meeting
गया जी के गांधी मैदान में आयोजित यादव समाज की बैठक। (Image Creadit: Timely India)
Highlights
  • पटना समेत बिहार के कई जिलों में हर रविवार यादव समाज की बैठक आयोजित की जा रही है
  • गया जी की बैठक में छात्रावास, धर्मशाला और समाजिक एकजुटता पर चर्चा हुई
  • पत्रकारिता, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में यादव समाज की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया

Gaya Ji, Bihar | गया जी के गांधी मैदान में 17 मई 2026 (रविवार) को लगातार चौथे सप्ताह यादव समाज (Yadav Samaj) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहर और गांवों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में एकजुटता लाना, युवाओं को आगे बढ़ाना और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करना बताया गया।

बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में यादव समाज की आबादी काफी अधिक होने के बावजूद हर क्षेत्र में समाज को उसकी संख्या के अनुसार भागीदारी नहीं मिल पा रही है। गांवों में आज भी बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, रोजगार और सामाजिक रूप से पीछे हैं। इसी वजह से समाज को संगठित करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

बैठक में यह भी कहा गया कि कई बार समाज के लोगों को न्याय नहीं मिल पाता क्योंकि समाज पूरी तरह एकजुट नहीं है। जबकि दूसरे समाज संगठित होकर अपनी आवाज मजबूती से उठाते हैं। इसी सोच के साथ कुछ बुद्धिजीवी और समाज के सक्रिय लोगों ने हर रविवार बैठक करने की शुरुआत की है।

अब यह पहल केवल गया जी तक सीमित नहीं रह गई है। पटना के गांधी मैदान समेत बिहार के लगभग सभी जिलों में हर रविवार इसी तरह यादव समाज (Yadav Samaj) की बैठक आयोजित की जा रही है। इन बैठकों में समाजिक एकजुटता, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और समाज के भविष्य को लेकर चर्चा की जा रही है।

देश की सबसे बड़ी एकल जातियों में गिना जाता है यादव समाज

बैठक में मौजूद कई लोगों का मानना था कि अगर देश में एकल जातियों की संख्या की बात करें तो उत्तर और मध्य भारत के बड़े राज्यों, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश में यादव समुदाय की आबादी सबसे बड़ी मानी जाती है। इसके बावजूद समाज को हर क्षेत्र में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। इसी सोच के साथ अब गांव से लेकर शहर तक समाज को जोड़ने का प्रयास शुरू हुआ है।

गरीब बच्चों के लिए छात्रावास बनाने की उठी मांग

रविवार को हुई बैठक में समाज के गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए छात्रावास (Hostel) बनाने पर चर्चा हुई ताकि गांव के बच्चे शहर में रहकर बेहतर पढ़ाई कर सकें। इसके साथ ही गया जी में पिंडदान और धार्मिक कार्यों के लिए आने वाले यादव समाज के यात्रियों के लिए धर्मशाला बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।

Yadav Samaj Meeting in Gaya ji, Bihar
गया जी के गांधी मैदान में रविवार को आयोजित यादव समाज की बैठक में चर्चा करते लोग। (Image Creadit: TimelyIndia.com)

लोगों ने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में समाज के लोग गया जी आते हैं लेकिन ठहरने की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से परेशानी होती है। ऐसे में समाज स्तर पर धर्मशाला बनाना जरूरी है।

पत्रकारिता और अन्य क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने पर जोर

बैठक में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। खासकर पत्रकारिता, शिक्षा, प्रशासन, मीडिया और अन्य क्षेत्रों में यादव समाज की मौजूदगी मजबूत करने की बात कही गई। लोगों ने कहा कि नई पीढ़ी अगर हर क्षेत्र में आगे बढ़ेगी तभी समाज की आवाज भी मजबूत होगी।

24 मई को फिर होगी अगली बैठक

बैठक में तय किया गया कि अगला कार्यक्रम रविवार 24 मई 2026 को फिर गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। हर सप्ताह किसी नए सामाजिक विषय पर चर्चा कर समाज को जोड़ने और जागरूक करने की योजना बनाई जा रही है।

बैठक के अंत में हुआ सामूहिक प्रार्थना और राष्ट्रगान

बैठक समाप्त होने के बाद सभी लोग खड़े हुए और सामूहिक रूप से आध्यात्मिक गीत “Tum Ho Mere Krishna Jagatpati…” गाया गया। इसके बाद सभी लोगों ने राष्ट्रगान “जन गण मन” गाकर कार्यक्रम का समापन किया। 

 

स्थानीय स्तर पर इस तरह की बैठकों को लेकर अब लोगों के बीच चर्चा बढ़ रही है। खासकर युवाओं में समाजिक एकजुटता और संगठन को लेकर नई सोच देखने को मिल रही है।

SOURCES:Ground Report
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Subhash Kumar is the Founder of Timelyindia.com and a seasoned education and political journalist. He began his career in 2021, writing extensively on board exams for Shiksha.com. Today, he leads comprehensive education coverage on his platform, tracking major national exams like NEET, JEE, and SSC. Over the past year, Subhash has expanded his reporting to analyze national affairs and Indian politics. Connect with him via email at Subhash@timelyindia.com or LinkedIn.
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