Vanshavali Bihar: नीतीश सरकार ने वंशावली को लेकर नए नियम किए जारी

Bihar सरकार ने वंशावली प्रमाणन प्रक्रिया सरल की—अब नोटरी affidavit वैध, सख्त निर्देश, ऑनलाइन सुविधा जल्द। जानें पूरा अपडेट।

TimelyIndia Desk
TimelyIndia Desk
Editorial Team
Timely India covers news across every state and union territory in India. The platform delivers original reporting on national affairs, politics, business, sports, entertainment and current...
- Editorial Team
2 Min Read

बिहार की नीतीश सरकार ने वंशावली (जीनियोलॉजी) संबंधी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए हाल ही में कई नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब नोटरी पब्लिक द्वारा सत्यापित हलफनामा भी पूरी तरह वैध माना जाएगा—इस बदलाव का लाभ जमीन सर्वे, पेंशन, जाति प्रमाण-पत्र, आवास योजनाओं आदि के इच्छुक लाखों नागरिकों को मिलेगा।

क्या है नया नियम?

  • अब नोटरी पब्लिक या विशिष्ट अधिकारी (Oath Commissioner) द्वारा सत्यापित शपथ-पत्र (affidavit) को भी वंशावली के लिए मान्य दस्तावेज माना जाएगा 1।
  • पहले यह कार्य केवल SDM या कार्यपालक दंडाधिकारी (EDO) तक सीमित था, जिससे मंजूरी में भारी देरी होती थी।
  • अब अगर कोई अधिकारी अतिरिक्त या अनावश्यक दस्तावेज़ की मांग करता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसका क्या लाभ होगा?

  • ग्रामीण और पेंशन-आवेदकों की सुविधाएं बढ़ेंगी, क्योंकि अब दस्तावेज पंचायत स्तर पर ही तैयार हो सकेंगे।
  • जाति, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, आवास योजनाओं के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाएगी।
  • सरकारी योजनाओं का लाभ अब कम समय में मिलने लगेगा, और भ्रष्टाचार में कमी आएगी।

नए प्रक्रिया के चरण:

  1. आवेदक नोटरी पब्लिक या Oath Commissioner के समक्ष वंशावली का affidavit बनाएं।
  2. पूरा दस्तावेज सत्यापित होने पर इसे पंचायत सचिव को जमा करें।
  3. यदि कोई अनावश्यक मांग करता है तो शिकायत दर्ज कर कार्रवाई संभव है।
  4. जल्द ही सरकार ऑनलाइन वंशावली सुविधा भी शुरू कर सकती है।

FAQs

Q: अब वंशावली के लिए कौन-से दस्तावेज़ मान्य हैं?

A: नोटरी पब्लिक द्वारा सत्यापित शपथ-पत्र वैध है—SDM या EDO की आवश्यकता नहीं।

Q: ऑनलाइन प्रक्रिया कब शुरू होगी?

A: सरकार जल्द ही ऑनलाइन वंशावली सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रही है 4।

Q: नोटरी affidavit कौन बना सकता है?

A: कोई भी अधिकृत नोटरी पब्लिक या Oath Commissioner affidavit बना सकता है।

Q: कोई अधिकारी गैर-जरूरी दस्तावेज मांगे तो क्या करें?

A: ऐसे मामलों में आप शिकायत कर सकते हैं; विभाग ने ऐसी जरूरत पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

निष्कर्ष

नीतीश सरकार का यह निर्णय वंशावली प्रमाणपत्र प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुविधा लाएगा। अब ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन, जाति, आवास योजनाओं के लाभार्थियों को नोटरी व affidavit से आसानी होगी, और ऑनलाइन व्यवस्था आने पर प्रक्रिया स्मार्ट व तेज बन जाएगी।

आगे के सभी अपडेट्स और सरकारी निर्देशों के लिए TimelyIndia.com को बुकमार्क करें और नोटिफिकेशन चालू रखें।

Share This Article
Editorial Team
Follow:
Timely India covers news across every state and union territory in India. The platform delivers original reporting on national affairs, politics, business, sports, entertainment and current events - updated through the day. Stories published under this byline are reported and edited by the Timely India editorial team, led by founder Subhash Kumar. The desk focuses on news that directly affects readers - from political developments and government decisions to state-level stories that rarely make national headlines.
Leave a Comment