Chennai: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री Joseph Vijay ने राज्य में शराब दुकानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले बड़े आदेश में विजय ने मंदिरों, स्कूलों और बस स्टैंड के पास स्थित 717 TASMAC शराब दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया है। सरकार ने कहा है कि इन दुकानों को अगले दो हफ्तों के भीतर बंद कर दिया जाएगा।
राज्य सरकार के मुताबिक, ये सभी दुकानें धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक जगहों के 500 मीटर के दायरे में मौजूद हैं। सरकार का कहना है कि आम जनता के हित और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद Vijay का पहला बड़ा Action
फिल्म स्टार से नेता बने Joseph Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था। Election Result के बाद 10 मई 2026 को सरकार बनने के बाद 12 मई 2026 को लिया गया यह उनका पहला बड़ा प्रशासनिक फैसला माना जा रहा है।
हालांकि TVK अपने दम पर बहुमत से कुछ सीटें दूर रह गई थी, जिसके बाद कांग्रेस, वाम दलों और VCK के समर्थन से सरकार बनी।
किन दुकानों को किया जाएगा बंद?
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार:
- 276 TASMAC दुकानें मंदिरों के पास हैं
- 186 दुकानें स्कूल और कॉलेजों के पास हैं
- 255 दुकानें बस स्टैंड के आसपास स्थित हैं
इन सभी दुकानों को 14 दिनों के भीतर बंद करने का आदेश दिया गया है।
TASMAC से सरकार को होती है बड़ी कमाई
तमिलनाडु में शराब बिक्री का संचालन TASMAC यानी Tamil Nadu State Marketing Corporation करती है। राज्यभर में इसकी कुल 4,765 शराब दुकानें हैं। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में TASMAC से तमिलनाडु सरकार को 48 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला था। इसके बावजूद सरकार ने सामाजिक प्रभाव को देखते हुए यह कदम उठाया है।
‘Nasha-Free Tamil Nadu’ की ओर पहला कदम
मुख्यमंत्री विजय लंबे समय से नशा-मुक्त तमिलनाडु की बात करते रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने शराब की लत कम करने और युवाओं को बचाने का वादा किया था। माना जा रहा है कि 717 दुकानों को बंद करने का फैसला उसी दिशा में पहला बड़ा कदम है।
ED जांच को लेकर भी TASMAC चर्चा में रहा
बीते साल TASMAC पर Enforcement Directorate (ED) ने कई जगहों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। ED ने दावा किया था कि TASMAC से जुड़े मामलों में करीब 1000 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के सबूत मिले हैं। हालांकि उस समय तत्कालीन DMK सरकार ने ED पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।
सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा
CM Vijay के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है। कई लोग इसे साहसी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ users का कहना है कि इससे राज्य के राजस्व पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल सरकार ने साफ कर दिया है कि जनता के स्वास्थ्य और सामाजिक हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
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